अतिथि देवो भव:

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सौ से अधिक व्यापारिक गतिविधियाँ समपन्न

कृषि महाविद्यालय, रीवा के अधिष्ठता, डा. आर. पी. सिंह के मार्गदर्शन तथा कृषि विज्ञान केंद्र. रीवा (म.प्र.) की कार्यक्रम समन्वयक, डॉ. श्रींमती निर्मला सिंह के दिशा निर्देशन में महिलाओं के स्वरोज़गार हेतु, कृषि उपज प्रसंस्करण विषय पर छ दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. जिसमे प्रशिक्षणार्थीयों ने जैली, आचार, मुरब्बा, आँवले की सुपारी, शरबत, सिरप, नैक्टर्, आलू के चिप्स, फिंगर्स, फ्रायम, सोयाबीन के उत्पाद एवं टमाटर का सॉस, केचप्, पेस्ट, इत्यादि बनाना सीखा. साथ ही साथ महिलाओं ने इन उत्पादों के सौ से अधिक पैकेट् का विक्रय भी किया. प्रशिक्षण के एक हफ्ते बाद किए फीड-बैक सैशन में प्रशिक्षणार्थीयों में से एक ने बताया की उसने 40 रु. की लागत से अमरूद के जैली बनाई जिसे उसने 70 रु में बेच के 40 रु का मुनाफा कमाया. एक अन्य प्रशिक्षणार्थी ने बताया की वह समूह बनाने के प्रयास में जुट गयी है.

सभी प्रशिक्षणार्थी किसान मेले का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं जो की फरवरी माह मे सम्भवतः होगा तथा जिसमें वे प्रसंस्कृत उत्पाद बेच सकें। इस अवसर पर कृषोपज प्रसंस्करण विषय पर एक विस्तार पुस्तक भी जारी की गई।