लेखन: डॉ. चन्द्रजीत
सिंह एवं डॉ.किंजल्क सी. सिंह
![]() |
धान का ट्रान्स्प्लांटर |
ग्राम गोदहा में सोयाबीन की उत्पादकता और कम
होता लाभांश निरंतर निराश कर रहा था और सोयाबीन की खेती घाटे का सौदा सिद्ध होती
जा रहा थी, जिसके फलस्वरूप एक समय के बाद
किसान भाई-बहनों ने सोयाबीन की खेती से मुँह मोड़ लिया था । खरीफ के मौसम में,
अब खेत पड़ती पड़े थे और किसान आर्थिक हानि का शिकार हो रहे थे, किसानों का मन
निरंतर असमंजस की स्थित का सामना कर रहा था और यह स्थिति धीरे-धीरे असन्तोष को उबाल
दे रही थी ।
![]() |
धान का खेत रोपाई उपरांत |
![]() |
धान का रोपा |
![]() |
श्री रामकुमार वर्मा एस.आर.आई विधि से
तैयार धान के खेत में
|
परिवर्तन नहीं ला पा रहे थे. जिज्ञासावश, यूट्यूब देखते हुये सुरेन्द्र जी की नज़र धान के ट्रान्स्प्लान्टर की विडियो फिल्म पर पड़ी जिससे उनके मन में आशा की एक किरण जागी. पर्याप्त जानकारी एकत्रित करने के बाद इन्हें यह विश्वास जागा कि ट्रान्स्प्लांटर की सहायता से स्वयं तथा क्षेत्र की दुविधा को दूर किया जा सकता है. रीवा ज़िले में ट्रान्स्पांटर उपलब्ध न होने की स्थिति इनके हौसले को नहीं तोड़ पाई । इन्होंने बालाघाट से ट्रांस्प्लांटर क्रय कर उपयोग का प्रशिक्षण लिया. इस यंत्र के द्वारा पौध से पौध की 3 से 9 इंच की दूरी तथा कतार से कतार 12 इंच तक की दूरी सुनिश्चित करना भी सीखा.
सुरेन्द्र जी, प्रसन्नतापूर्वक कृषि विज्ञान
केन्द्र -रीवा के वैज्ञानिक को बताते हैं कि पुरानी विधि से श्रमिकों द्वारा धान
का रोपा लगाने का प्रति एकड़ रु. 6000/- से
8000/- का खर्च आता है जबकि धान
ट्रांस्प्लांटर से एस.आर.आई. विधि से धान लगाने हेतु, वे रु. 6000/- प्रति एकड़ का
खर्च आया तथा लागत लगभग रु. 2800 /- प्रति एकड़ आई, इस प्रकार प्रति एकड़ रु. 3200/- प्रति एकड़ हुई. वहीं बिना रोपे के
मात्र ट्रान्स्प्लांटिंग हेतु रु. 3000/- की राशि किराये के तौर पर लिया, जिसमें
लागत रु. 700/- प्रति एकड़ आई तथा लाभांश रु 2300/- प्रति एकड़ मिला. इस यंत्र से एक
एकड़ खेत की रोपाई करने में लगभग 1.5 घंटे लगे. ट्रान्स्प्लांटर द्वारा पिछले दो
वर्षों में कुल 95 एकड़ खेत में रोपाई की है ।
ग्राम गोदहा के एक और कृषक श्री भोलेश्वर प्रसाद
शुक्ला जी ट्रांसप्लांटर के उपयोग और लाभ पर मुहर लगाते हुये बताते हैं – ‘मैने
बड़े स्तर पर सोयाबीन की खेती की है किंतु निरंतर नुकसान उठाने के बाद मैने सोयाबीन
की लगभग 25 एकड़ खेत में ट्रांस्प्लांटर से धान की रोपाई करवाई है, जिससे में पूरी
तरह से संतुष्ट हूँ’.
![]() |
एस.आर.आई पद्धति से ट्रान-स्प्लान्टर से बोया धान की फसल के साथ उन्न्त्ततशील कृषक श्री सुरेन्द्र कुशवाहा |
कृषि विज्ञान केन्द्र-रीवा ने श्री सुरेन्द्र
वर्मा जी जैसे, जिज्ञासु, विचारशील तथा उन्नतशील कृषक को सम्मनित करने का निर्णय
लिया है तथा साथ ही किसान समुदाय को उन्नत तकनीक से जोड़ने हेतु इनके प्रयासों और
सफल परिणामों का प्रचार-प्रसार करने का उत्तरदायित्व भी लिया है.
आभार: डॉ. केवल सिंह बघेल, तकनीकी अफसर (पौध सुरक्षा), कृषि विज्ञान केन्द्र-रीवा (म.प्र.) श्रीमति आभा गौर, ए.टी.एम, सिरमौर, आत्मा परियोजना
आभार: डॉ. केवल सिंह बघेल, तकनीकी अफसर (पौध सुरक्षा), कृषि विज्ञान केन्द्र-रीवा (म.प्र.) श्रीमति आभा गौर, ए.टी.एम, सिरमौर, आत्मा परियोजना